संविधान में नागरिकों के लिए कुछ मौलिक अधिकारों को उल्लिखित किया गया है , उन्ही में से एक आर्टिकल 19 है जिसमे किसी भी भारतीय नागरिक को अपने विचारों को व्यक्त करने , व्यवसाय करने , संघ बनाने , पूरे देश में यात्रा करने आदि के लिए स्वतंत्रता प्राप्त है l इसके साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में भी यह आर्टिकल प्रेस को ये अधिकार देता है की वह अपने विचारों को रख सकता है l

किन दशाओं में आर्टिकल 19 के अंतर्गत स्वतंत्रता नहीं मानी जा सकती

देश की एकता , अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ विचारों एवं व्यवसाय आदि इस आर्टिकल में बाधित किये गए है lकोई भी व्यक्ति इस आर्टिकल का हवाला देकर देश के खिलाफ विचारधारा से प्रेरित भाषण , सभा या इस तरह के संघ बनाने में रोक है l

व्यायालय के खिलाफ बोलना व उसके फैसलों की अवमानना करना भी इस आर्टिकल में बाधित किया गया है l यही कारण है कोई कोई भी व्यक्क्ति न्यायालय के फासले के विरुद्ध नहीं जा सकता है l

कौन कौन से है अनुच्छेद

आर्टिकल 19 में 6 अनुच्छेद है जिसमे अलग अलग तरह की स्वतंत्रता दी गई है l

अनुच्छेदस्वतंत्रता
19 (A)बोलने की आजादी
19 (B)सभा की आजादी
19 (C)संघ बनाने की आजादी
19 (D)पुरे देश मेँ आने जाने की आजादी
19 (E)पुरे देश मेँ  बसने की/रहने की आजादी
19 (G)कोई भी व्यापार एवं जीविका की आजादी

आर्टिकल 19 (A) विचारों को रखने की स्वतन्त्रता

आर्टिकल 19 के पहले खंड 19 A के तहत सभी भारतीय नागरिकों को भाषण , अपने विचारों , सम्प्रेषण एवं सुझाव को रखने का पूरा अधिकार दिया गया है l बशर्ते कोई भी विचार भारत के संप्रभुता या अन्य आर्टिकल को प्रभावित ना करता हो l चूँकि प्रस भी एक तरह का विचारों को संप्रेषित करने का माध्यम है है इसीलिए प्रेस को भी इसी अनुच्छेद के अंतर्गत स्वतंत्रता प्रदान की गई है l अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर कुछ सीमायें भी है जिसे उल्लिखित किया गया है जैसे किसी देशविरोधी भाषण , विचारों आदि का सम्प्रेषण पूरी तरह से बाधित किया गया है और दंड की श्रेणी में रखा गया है l

आर्टिकल 19 (B) सभा या आन्दोलन करने का अधिकार

इस खंड में आर्टिकल 19 के B अनुच्छेद में भारतीय नागरिकों को अपने विचारों के प्रचार प्रसार हेतु , या अपनी बातों को रखने के लिए सभा का आयोजन, जूलूस निकालना , आन्दोलन करने आदि की स्वंत्रता प्रदान की गई है l लेकिन किसी भी दशा में शस्त्र या अस्त्र के साथ आन्दोलन , जुलूस या सभा करने की अनुमति नहीं है l विभिन्न दशाओं में और जरुरत पड़ने पर राज्य सरकारों के द्वारा राज्य हित में इस स्वतंत्रता में कमी की जा सकती है और अधिकारों को सीमित किया जा सकता है l

आर्टिकल 19 (C) संघ बनाने की स्वतंत्रता

इस अनुच्छेद के अनुसार सभी भारतीय नागरिकों को संघ या पार्टी बनाने का अधिकार प्राप्त है , लेकिन संघ का उद्देश्य भारतीय एकता , अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ नहीं होना चाहिए l संघ का गठन भारत सरकार के नियमानुसार ही होगा l इस आर्टिकल का हवाला देकर कोई भी ऐसी संस्था या संघ नहीं बना सकता है जो की देश में षडयंत्र , देश की सुरक्षा , लोगों में फूट डालने की सम्भावना हो l

आर्टिकल 19 (D)  पूरे देश में निर्बाध रूप से यात्रा का अधिकार

इस खंड में सभी भारतीय नागरिको को देश भर में कहीं पर भी यात्रा करने का पूर्ण अधिक व स्वतंत्रता प्रदान की गई है l यात्रा करने के लिए न ही कोई प्रतिबन्ध है और न ही किसी विशेषाधिकार की जरुरत होगी l

आर्टिकल 19 (E) पूरे देश में कभी पास भी बसने या रहने के लिए स्वतंत्रता

आर्टिकल के इस अनुच्छेद के तहत किसी भी भारतीय नागरिक को देश भर में किसी भी हिस्से में बसने वा रहने की पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त है l हालाँकि कुछ दशा में राज्य सरकार जनजाति अनुसूचित जाती आदि के संरंक्षण के लिए इन अधिकारों को सीमित कर सकती है , हिमाचल प्रदेश इसका एक उदाहरण है l

आर्टिकल 19 (F) व्यापार एवं जीविका के लिए स्वतंत्रता

भारत में सभी नागरिकों को इस आर्टिकल के अनुच्छेद में यह स्वतंत्रता दी गई है की व्यक्ति किसी भी तरह का रोजगार अथवा जीविका के लिए साधन बना सकता है या अपना सकता है l कोई भी राज्य किसी भी व्यक्ति को नौकरी या व्यवसाय करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है  और ना ही उनके कार्यों में बाधा डालेगा l हालाँकि इस समबन्ध में राज्य सरकारों को यह अधिकार प्राप्त है की वह किसी विशेष क्षेत्र में योग्यता का निर्धारण , उद्योग को चलाने के लिए आवश्यक नियम बनाने के लिए स्वतंत्र है

उम्मीद है की आपको अब आर्टिकल 19 के सम्बन्ध में सभी जानकारी मिल गई होगी , अगर आपका कोई प्रश्न है या अन्य किसी विषय पर जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है या फिर हमें ई मेल कर सकते है l हमारा ई मेल पता है

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