दोस्तों आज कोरोना की वजह से जहाँ बहुत लोग बीमार हुए है , वही कुछ लोग ऐसे भी थे जिनको कोई इन्फेक्शन नहीं हुवा , ऐसा इसलिए है क्योंकि सबके शरीरकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अलग अलग होती है l और यही कारण है  की कुछ लोगों के बीमार होने या इन्फेक्शन होने की सम्भावनाये कम या ज्यादा होती है l वैसे तो बहुत सारी अलग अलग तरह की मेडिसिन और माध्यम जो दावा करते है की उनके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती  है l लेकिन आज हम आपको बताएँगे आपके रसोई और घर में सुलभ प्राप्त होने वाली उन चीज़ों के बारे में जो बढा देंगी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और वो भी बिना किसी दुस्प्रभाव के l तो चलिए जानते है ऐसी कौन कौन सी चीज़ें है जो आपको रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है

अदरक् –

अदरक सभी घरों में सुलभ होने वाली औषधि है , अदरक में बहुत सारे  पोषण सम्बंधित तत्त्व पाए जाते है जिनमे से से है , जैसे कैल्शियम , फोस्फोरस , जिंक , क्रोमियम आदि पाए जाने वाले मुख्य तत्त्व है जो की शरीर में किसी भी वायरल एवं बक्टीरिया से होने वाले रोगों से लड़ने में मदद करता है l आम तौर पर भारत में इसका प्रयोग सभी घरों में चाय , सब्जी इत्यादि बनाने में बहुतायत से किया जाता है किन्तु गर्मी के मौसम में इसका प्रयोग कम ही किया जाता है l

सर्दी जुखाम आदि होने पर गुड के साथ अदरक का सेवन करने से लाभ होता है , बेहतर परिणाम के लिए रात में सोते समय लेने से लाभ होता है l गले में खराश , सूजन आने पर इसकी छोटी छोटी फांके करके चूसने से त्वरित लाभ मिलता है अगर ऐसे सेवन न कर सके तो अदरख के एक चम्मच रस में शहद मिलकर भी लिया जा सकता है l

हल्दी –

दोस्तों शायद ही कोई होगा जिसे हल्दी के बारे में ना पता हो l घर में स्वादिष्ट खाना बनाने में , मसाले में , किसी भी शुभ कार्य करने में तिलक करने में , स्किन कलर को गोरा बनानें के लिए पुरातन काल से इसका प्रयोग होता चला आया है l हल्दी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसका प्रयोग मसाले के रूप में हर घर में किया जाता है l हल्दी की कई प्रजातियाँ पाई जाती है जिनमे से मुख्य Curcuma longa प्रजाति है जिसका प्रयोग मसाले व दैनिक उपयोग में किया जाता है l

 एक और प्रकार की हल्दी होती होती है जिसका वैज्ञानिक नाम Curcuma caesia है , इसका दूसरा हिंदी नाम काली हल्दी भी है l काली हल्दी अपने एंटी बैक्टीरियल गुण और कैंसर रोधी प्रतिक्रिया के लिए जानी जाती है l क्षेत्रीय भाषा में अलग अलग नाम से इसे जाना जाता है जैसे हरिद्रा , हरदी , हल्दर मंजल आदि है l हल्दी को दूध के साथ पिने से रक्तविकार दूर होते है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है l जुखाम या सर्दी होने पर हल्दी नमक पानी से गरारे कारने से खराश और कफ की समस्या दूर होती है l सरसों के तेल में हल्दी मिलकर दांतों में मलने से पायरिया और दन्त रोगों में भी फायदा होता है l हल्दी में भरपूर मात्र में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते है  एवं रक्तविकार दूर करने का गुण पाया जाता है l

गिलोय –

गिलोय का नाम तो सबने सुना ही होगा , क्षेत्रीय भाषा में इसको अलग अलग नाम से जाना जाता है जैसे हिंदी में गिलोय , गुडूची , अमृता आदि है इसका वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया है जो की बेल की तरह फैलने वाला पौधा है l  यह अक्सर घरों , जंगलों में पाया जाने वाला पौधा है लेकिन इसकी महत्ता को देखते हुए लोग आजकल इसे घर पर लगाने लगे है l गिलोय को आयुर्वेद में अमृत तुल्य कहा गया है l यह जिस भी वृक्ष को अपना  सहारा बनाकर उसके ऊपर फलता फूलता है उसके गुण भी इसमें समाहित हो जाते है ऐसा माना जाता है l नीम के वृक्ष में फैली हुई गिलोय को अत्यंत गुणकारी माना गया l इसके पत्ते पान केआकार के होते है तथा फल हरे रंग के छोटे छोटे मटर के दाने की तरह लगते है किन्तु पकने पर यह लाल रंग के हो जाते है l गिलोय के फल , पत्ते जड़ सभी का औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है l

डायबिटीज के रोग में गिलोय का सेवन लाभप्रद होता है क्यूंकि यह शरीर में Hypoglycaemic agent के रूप में काम करता है और रक्त में ब्लड सुगर के लेवल को कम कर देता है l

आर्थराइटिस के रोगों में गिलोय का सेवन बहुत लाभकारी होता है क्यूंकि इसमें एंटी इन्फलामेटरी गुण पाया जाता है जो की जोड़ों की सूजन को कम करता है इसको उबालकर काढ़े के रूप में या गिलोय की वटी के रूप में लिया जा सकता है l

इम्युनिटी बढ़ने के लिए यह सर्वोत्तम और सुलभ उपाय है , यदि किसी को जल्दी जल्दी इन्फेक्शन होता है या बीमार पड़ता है तो उसे गिलोय का सेवन जरूर करना चाहिए क्यूंकि यह रक्शोधन करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है l आज कोरोना के समय में इसका प्रयोग व्यापक रूप से हुआ है और इस पर उपलब्ध रिसर्च भी इसका प्रमाण है की इसके सेवन से कई  तरह की संक्रामक बीमारियाँ होने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है l  वैसे तो मार्केट में बहुत सारी अलग अलग ब्रांड के  गिलोय काढ़ा या वटी उपलब्ध है लेकिन यदि आप ताज़ी गिलोय इस्तेमाल करे तो ज्यादा लाभ होता है l जिन घरों में इसकी उपलब्धता नहीं है वो बाज़ार से पतंजलि , बैधनाथ या डाबर कंपनी के प्रोडक्ट खरीद सकते है l

नीबू –

नीबू सभी घरों में इस्तेमाल किया जाने वाला एक साइट्रस फ्रूट है , साइट्रस फ्रूट को विटामिन सी के लिए जाना जाता है l विटामिन सी वाटर सोलूबल विटामिन है जो हमारे शरीर में स्टोर नहीं होता है इसीलिए किसी ना किसी रूप में विटामिन सी को लेना अनिवार्य हो जाता है l विटामिन सी महिलाओं की कम से कम डेली 80 मिलीग्राम  के लगभग है और पुरुषों के लिए 95 मिलीग्राम है l

विटामिन सी हमारे शरीर के श्वेतरक्त कणिकाओं का उत्पादन करता है जो की किसी भी वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से लड़ने में सहायक होती है l विटामिन सी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है जिससे सीजनल फ्लू , सर्दी खांसी जुखाम आदि बीमारियाँ नहीं होती है  और इसकी सम्भावनाये बहुत कम हो जाती है l

तो दोस्तों यह रही वो 4 चमत्कारिक घरेलु और सर्व सुलभ औषधियां जिनका सेवन बढाता है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता l उम्मीद है की आपको ये जानकारी पसंद आई होगी l अगर आप इससे सम्बंधित और जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप कमेंट में पूछ सकते है या फिर हमें E-Mail  के जरिये पूछ सकते है l हमारा ई मेल पता है  : query@indiablog.online

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