नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉक्टर वी के पाल ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेताया है की अभी तक समुदाय में हर्ड इम्युनिटी का विकाश नहीं हो पाया है जिसकी वजह से लापरवाही के नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते है l संक्रमण और तेजी से और विकसित रूप में फैलने की भी आशंका जताई है l एक सन्देश में उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और सतर्क रहने के सुझाव दिए
कोरोना के संक्रमण दर में कमी आते ही लोगों के बीच मास्क का पालन ना करना , भीड़ वाले इलाकों में आने जाने की आदत में बढ़ोतरी हुई है l यदपि नए केसेस में कमी आई है किन्तु अगर सावधानी नहीं बरती गई तो यह दोबारा तेजी से फ़ैल सकता है l

केंद्र सरकार ने भी अपने सन्देश में कोरोना की गाइडलाइन को फॉलो करने के लिए अपील देशवासियों से की है l हर्ड इम्युनिटी के बारे में वैज्ञानिको का मानना है अभी तक ये समुदाय में विकसित नहीं हो पाई है l इसे विकसित होने में काफी समय लग सकता है , इसलिए सब्धानी और सुरक्षा को नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता है l
मास्क पहनने और सैनीटाइजर के इस्तेमाल में कमी :
जैसे जैसे संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट आती जा रही है वैसे वैसे सरकार ने प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिससे जन जीवन को पटरी पर लाया जा सके l अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते हीलोगों के बीच मास्क पहनने की दर घटती जा रही है जिससे संक्रमण फैलने की सम्भावना बढती जा रही है l
स्वास्थ्य विभाग ने आगामी 125 दिन तीसरी लहर को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बताये है l सितम्बर के माह में कोरोना की तीसरी लहर अपने पीक पर पहुँच सकती है l कोरोना की तीसरी लहर से संक्रमण का खतरा कम ही जताया जा रहा है और यह कम उम्र के बच्चों को प्रभावित कर सकता है l लगभग 40 करोड़ वैक्सीन की पहली डोज भारतीयों को लगाईं जा चुकी है जो की इसके संक्रमण दर को कम करने में कारगर साबित होगी l हालाँकि यह भी सुनने में आ रहा है की जिन्होंने दोनों डोज ली है उन्हें दोबारा संक्रमण 5 प्रतिसत लोगों में देखा गया है l लेकिन इसकी मोर्टेलिटी रेट बहुत कम होने से वैक्सीन को प्रभावी माना जा रहा है l
