भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने हाल में ही चौथे चरण का सीरो सर्वे पूरा किया है जिसके बाद के नतीजे चौकाने वाले मिले है , सीरो सर्वे में हर तीन व्यक्तियों में दो व्यक्तियों में कोरोना की एंटीबाडी पाई गई है , जिससे ये साफ़ होने लगा है की देश अब कहीं न कहीं हर्ड इम्युनिटी की तरफ आगे बढ़ रहा है l लेकिन अगर आंकड़ों की माने तो अब भी लगभग 35 प्रतिशत के लगभग लोगो में कोरोना के कारण बनने वाली एंटीबाडी नहीं पाई गई है , देश की जनसँख्या के अनुसार यह आंकड़ा कम खतरनाक नहीं है , क्योंकि अब भी इन लोगों के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने की संभावना है l

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने सभी देशवासियों से अपील की है की कोरोना से सम्बंधित गाइडलाइन का पालन करे और गैर जरुरी यात्रा  या भीड़ भाड वाले इलाके में जाने से बचें l

क्यों है सीरो सर्वे महत्वपूर्ण

कोरोना से संक्रमित होने के बाद व्यक्तियों में कोरोना के खिलाफ लड़ने वाली एंटीबाडी विकसित हुई है या नहीं यह बेहद महत्वपूर्ण है , क्योंकि एक बार कोरोना से संक्रमित होने के बाद यदि एंटीबाडी विकसित हो गई तो दोबारा कोरोना से संक्रमण होने की संभावना बेहद कम हो जाती है , संक्रमण यदि हुआ भी तो यह ज्यादा गंभीर रूप में नुकसान नहीं पहुंचा पाता है l

देश में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है , बता दे की अभी भी मात्र 40 करोड़ जनता को सिंगल डोज ही मिल पाई है , टीकाकरण में अभी काफी समय लग सकता है , तो इस लिहाज से सरो सर्वे करके  मौजूदा हालत और आने वाले समय की गंभीरता को समझा जा सकता है l

कहाँ हुआ है SEERO सर्वे ?

बता दे की इसीएमआर के महानिदेशक डा. बलराम भार्गव के अनुसार उत्तरप्रदेश के सत्तर जिलों मे कोरोना के सीरो सर्वे को कराया गया है l  सीरो सर्वे में लगभग 68 प्रतिशत आबादी कोरोना से पूर्व में संक्रमित पाई गई मतलब इन लोगों को पहले ही कोरोना संक्रमण हो चुका है और इनमे कोरोना से लड़ने की क्षमता का विकास हो चुका है l

क्या रहेगा तीसरी लहर का प्रभाव ?

अगर आंकड़ों के देखे और जानकारों की माने तो , कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव उतना खतरनाक नहीं माना जा रहा है , क्योंकि जिस तरह से सरो सर्वे के परिणाम आ रहे है उससे यह तो साफ़ है की देश अब हर्ड इम्युनिटी की तरफ बढ़ चुका है , जिससे इसके संक्रमण की दर , और गंभीरता दोनों में ही कमी देखने को मिलेगी l

लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं होगा , साथ ही टीकाकरण की गति बढ़कर जल्द से जल्द तीकरण करके कोरोना मुक्त किया जा सकेगा l

साथ ही यह भी ध्यान देने वाली बात है , की जानकारों के अनुसार सीरो सर्वे हर क्षेत्र में करवाया जाए और जहाँ हर्ड इम्युनिटी विकसित नहीं हुई है ऐसे जगहों पर टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाये , आइसीएमआर ने अपने ये सुझाव सरकार और स्वास्थ्य विभाग को सुझाये है l

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